अपने आस पास की औषधियों को पहिचान कर स्वस्थ बने .

बहुत उपयोगी लिंक :

साँचा:औषधीय पौधे

ब्राइडल पिंक, हाइब्रिड टी गुलाब, मोरवैल गुलाब उद्यान

Tinospora cordifolia.jpg      

जय माता दी ,

Dear Devotees Jai Shri Ram!
 || अपना सुधार संसार की सबसे बड़ी सेवा है ||We change, World will change
We reform, World will reform

Pandit Shri Rama Sharma Acharya
 (Navaratri Sadhana Parva - Meaning and Importance )
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता,

 नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः

May Maa Durga Bless you with Strength, Peace and Prosperity!

चीन की तरक्की का राज़

चीन तरक्की कैसे , क्यों कर रहा है ?

Why is China  prospering?
Peace and tranquility...

How Different Countries Debate in Parliaments/ Congress
TURKEY ( 土耳其 )

墨西哥 )

南韓 )

烏克蘭 )

蘇聯 )

義大利 )

台灣 )

印度 )

日本 )

See what happens during political meetings in People's Republic of China ...Peaceful, Harmonious and No disturbance. ( 
中華人民共和國 -平和、安靜、無任何騷擾。)
 क्योंकि ये लोग रिश्वत नहीं ले सकते , इसलिए विश्राम में हैं. 

गरीब देश के अमीर नेता

 An Important Issue!

Indian government approves 200% MPs’ salary hike , Still some MP's are unhappy.

Now , MP's take home salary is Rs 45 lakh per anum + other allowances.


TOTAL expense for a MP [having no qualification] per year : Rs.60,95,000

For 534 MPs , the expense for 1 years :

Rs. 325,47,30,000

3254730000 X 5 years =

Rs. 1627,36, 50000 ( One Thousand six hundred crores plus..)

They are paid this handsome amount for achieving
and maintaining the present condition of our country:






1627 crores could make their lives livable!! 
Think of the great democracy we have …
Do Mp's really need salary hike? Do they really wait for 30th of every month for salary
credits to there bank accounts, like we do every month ????

I know hitting the Delete button is easier... but ....try to press the Fwd button & make people aware!

Ex - fleet  Captain IA
All India Airlines Retd Personnel association.

my comments: 

make it still four times, but i pray to do something to save this country: 

किसानों द्वारा आत्महत्या क्यों ! ये है तस्वीर आत्म-निर्भर भारत की


क्या कभी सोचा कि किसानो द्वारा आत्महत्या क्यों कि जा रही है !

क्योंकि किसी सोची समझी शाजिश के अंतर्गत , हिन्दुस्तान में , किसानों व् खेती के खिलाफ निती बनाती है सरकार . 

किसानों को उनकी फसल का अच्छा मूल्य मिलने लगता है , तभी विदेशों से वही चीज सस्ते मूल्यों पर माँगा कर , उसके दाम गिरा दिए जाते हैं . 
जैसे दालों के अच्छे दाम किस्सनों को मिल सकते हैं , पर विदेशों से आयात कर के उनके दाम नीचे कर दिए जाते हैं . 

क्या क्या अग्री प्रोडक्ट आयात किये जाते हैं ये नीचे देखें . 

यदि यहाँ किसी चीज का उत्पादन , मांग से अधिक हो जाये तो उसका निर्यात रोक कर उस फसल को सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है .  जिसे अभी प्याज कि अच्छी फसल है , विदेशों में अच्च्ची कीमत है , पर उसको बहार नहीं भेजने देंगे. 

अच्छा होता इन चीजों पर आयात शुक्ल लगा कर , उस पैसे से किसानो की सहायता की जाती. 

ये है तस्वीर आत्म-निर्भर भारत की 

Following are the major items of Agriculture import into India:

Edible Oils: India is the largest importer of edible oils in the world. Its oil import basket includes rdb palmolien, crude palm oil, crude soya (degum) oil and crude sunflower oil. The palm oil is imported from Indonesia and Malaysia, the two largest producers of palm in the world. State Trading Corporation too imported bulk quantity of palm oil in 2008 to distribute it in pds (public distribution system) at subsidised prices. The soya oil is imported mainly from Argentina and Brazil who are one of the largest producer of soybean and big exporter of soy oil and soymeal to the world market. Russia, Ukraine & Argentina are the major suppliers of sunflower oil. Though India too is a producer of sunflower seed, these countries have surplus production to export the seeds as well as its oil.

Pulses: The pulses are grown in India on large scale but yet not enough to feed its population so the country has to import pulses in bulk quantities from Burma, Canada, Australia, Tanzania, Kenya, France, USA, China, Russia, Pakistan etc. Many varieties of pulses are imported to meet the different consumption culture of the people of such hugely populated country. Toor, Yellow peas, green peas, garbanzo beans, green mung beans, yellow gram, kidney beans, black mapte, black eye beans, lentils and many other different types of peas, beans and lentils are imported.

Wheat: Though India was one of the supplier of high quality wheat to the international buyers, the shortfall in its local production and increase in the demand has forced it to ban its export and meet the demand-supply gap with imports. The wheat is imported by private companies mainly to sell in open market and as well to flour mills. The import by state trading corporation is for public distribution and to create the buffer stock to meet the emergencies. The duty on the import of wheat is nil. With the change in the consumption pattern in Southern states of India, the demand for wheat has gone up. The people in South mainly use to eat more of rice but with changing demand scenario the wheat import was necessary to meet the local requirement.

Cashew: The one of the biggest agriculture import of India is of cashew. The raw cashews are imported in bulk quantities from African and Far eastern region and processed and re-exported to US, Canada, Europe, Gulf, Other Asian countries etc. The import purpose of cashew is mainly re-export only.

Spices: India is known as the land of spices and the people are known to like spicy food. There are many spices which are either not produced in India or produced in limited quantities, so to meet their requirements the nation has to import varieties of spices to meet the local demand. Sometimes there is vast price difference in local prices and international prices so the spices are imported and their value addtions are re-exported. The country imports pepper, cardamom, ginger, turmeric, coriander, mustard, poppy seed, garlic, clove, nutmeg, mace, cassia, star anise, asafoetide etc. India has duty free agreement with Sri Lanka, the one of the major producer of spices to India. Besides it, Madagascar, Vietnam, Bulgaria, Syria, China etc. are spice producers.

Fresh Fruits and vegetables: The standard of living of Indian population has gone high so the demand for exotic varieties of fruits and vegetables too has increased leading to their imports into the country which are continuously on the rise.

Processed Food Products: The demand for processed food items have shown considerable jump with the changing consumption pattern of urban class. U.S., Europe and Gulf are major suppliers of this items to the Indian market.


तेल का हिसाब : बहुत अच्छी गणना , लुट रहा आम हिन्दुस्तानी

कहा तेल कंपनियों द्वारा १५ अगस्त को तेल का दाम घटने की बात कही गयी थे और आज मिडिया तेल का दाम बढ़ने के लिए माहौल खड़ा कर रही है जिससे की तेल का दाम घटने का दबाव न बन पाए, ए तो बहुत बड़ी लूट मची है, पता नहीं इस देश का क्या होगा....
आप खुद हिसाब लगाइए, पेट्रोल की कीमत कितनी  होनी है? तो यह ७४ रुपये में क्यों बेचना चाहते है, यह पैसा कहा ज़ा रहा है?.. पढ़कर जानिए--
पहले ए जानिए---
क्रूड आयल का दाम है ८६ डालर प्रति बैरल,
१ डालर = ४७ रुपये और १ बैरल = १५९ लीटर यानी एक लीटर का दाम=२५.४२ रुपये प्रति लीटर
भारत में रिफाइनिंग खर्च है= प्लांट खर्च-५.४५ रुपये, चालू खर्च-०.५५ रुपये यानि पूरा खर्च=६.०० प्रति लीटर (अमेरिका में यह खर्च १४ सेंट यानी ६.५८ रुपये)
भारत पेट्रोलियम का हर प्रकार का ढुलाई खर्चा अधिकतम ६.०० प्रति लीटर आता है गुजरात में तो यह खर्च ४ रुपये के आसपास है.
पेट्रोल पम्प मालिक का कमीशन -१.५० रुपये  अधिकतम
अब पूरा खर्चा--
क्रूड आयल= २५.४२,
रिफाइनिंग खर्चा=६.००,
ढुलाई खर्चा = ६.००
कमीशन =१.५०
पेट्रोल की कीमत हुई =३८.९२ प्रतिलीटर अधिकतम  
तो इसे ३-०० रुपये और जोड़कर दाम बढ़कर इसे ७४ रुपये तक ले जाने की क्या आवश्यकता है और  ए बाकी का ३५.०८  रुपये कहा ज़ा रहा है.
३८ रुपये की चीज को ७४ रुपये में बेचने का औचित्य क्या है,
जब क्रूड १४७ डालर था तब कंपनिया कह रही थी की उनको ७.०० प्रतिलीटर का घाटा हो रहा है अब क्रूड ८६ रुपये है तो घाटा क्यों हो रहा है, तब पेट्रोल की कीमत ५७ रुपये थी आज ६७ रुपये से  ७१ रुपये है. ए क्या हेरा फेरी है, जनता का खून क्यों चूसकर उद्योग  पतियो को फायदा दिया ज़ा रहा है.
मेरी टिपण्णी : 

अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रोल की सरकारी खरीदारी , प्राइवेट एजेंसिओं के माध्यम से की जाती है , उसका कमीशन हजारों करोड रुपये रोज बनता है , 

न ये सरकार हिस्साब दे रही है , न कभी बीजेपी की सरकार ने दिया . 

इसक जबाब कौन देगा- सोनिया, राहुल या मन मोहन  सिंह......
लेकिन जनता को तो जबाब चाहिए ही.
(इसे कम से कम ५० लोगो को बताये)
जय भारत,
संजय कुमार मौर्य,
भारत स्वाभिमान,

काश मैं भी कट्टर कांग्रेसी होता

यह कविता मुझे मेरे भाइसाहिब से अमरीका से प्राप्त हुई है :  


  काश मैं भी कट्टर कांग्रेसी होता

  काश मैं भी कट्टर कांग्रेसी होता,
बाबा और अन्‍ना के हक में ना बोलता.
दिग्गी की ताल में ताल मिलाता,
ओसामा के पीछे जी लगाता.
अन्ना व बाबा को कोसता,
दोनों को आरएसएस के लोग बताता.
कहीं कोई घपला होता न दिखता,
भ्रष्‍टाचार मुझे नजर न आता.
गरीबी और महंगाई तो सोचता भी नहीं,
बस, इंडिया तरक्की करता नजर आता.
राजा और कलमाड़ी को नमन करता,
******* नेहरू के आगे शीश नवाता.
बालकृष्णन पर आपराधिक मामले के हक में रहता,
दाउद और कसाब की कभी बात न करता.
बाबा रामदेव को महाठग कहता,
सोनिया, राहुल को मक्‍खन लगाता.
काले धन की बात न करता,
विकीलीक्सी के खुलासे झुठलाता.
मनमोहन जी भी मन मोह लेते,
उनको कभी मनमौन न कहता.
सीबीआई पर गर्व मैं करता,
भोपाल, क्वात्रोच्चि, बोफोर्स सब भूल जाता.
चोर लुटेरे अपराधी करें तो ठीक,
बाबा-अन्ना का हर बयान राजनीति बताता.
सफेद केसरिया जाएं भाड़ में,
तिरंगे में रंग बस हरा नज़र आता.
गर काले धन पर कोई कुछ कहता,
उल्टा मैं उसे बाबा की प्रॉपर्टी गिनाता.
फिर भी जो कोई न मानता,
मंदिर के खज़ाने पर कटाक्ष जमाता.
सरकारी लोकपाल के जो एंटी होता,
उसे मैं लोकतंत्र का दुश्मन कहता.
के मैं भी कट्टर कांग्रेसी होता.


very important statement of mr arvind kejriwaal which shows the failure of indian democratic system

our future president and prime minister :

from the interview of arvind kejriwaal : 

full interview available at ; 


We elect someone once in five years. 

That person not only does not come back to you and ask you what you want, but at the same time, he himself does not have an independent voice in Parliament and he goes by the whip of the high command. 

So, we hand over power to a few people called the party high command and they run the country. We want to question this form of democracy. It is not even representative in character.

our future prime minister 

क्या कमाल का अनुशाशन है मीडिया में

सोनिया गांधी इलाज के बाद भारत लौटीं


देश की कर्ता - धर्ता श्रीमती सोनिया गाँधी जी देश में इलाज करा कर , मौत के मुंह से वापिस आई , और किसी मिडिया में कोई खबर, कोई इंटरव्यू नहीं, कोई हे़ल्थ बुलेटिन नहीं. 

क्योंकि महामहिम इसका प्रचार नहीं चाहते 

सब मिडिया इस बारे में एक मत है . 

हम बड़े खुश हो रहे थे  अन्ना की जीत पर , 

पर ये नहीं जानते , कि ये आंदोलन की सफलता ? मिडिया कि भीख है जो जनता व् अन्ना की झोली में कतिपय कारणों से डाली गयी है .

काश भविष्य में भी ये मीडिया ऐसा ही मेहरबान व् दूध का धुला ही रहे 

पर इसका राज समझ नहीं आता

जबकि अधिकतर मीडिया में विदेशी मालिकाना हक ही हैं. 

पेश हैं कुछ समाचार :

      Who owns the media in India ? 

There are several major publishing groups in India, the most prominent
among them being the Times of India Group, the Indian Express Group, the
Hindustan Times Group, The Hindu group, the Anandabazar Patrika Group, the Eenadu Group, the Malayalam Manorama Group, the Mathrubhumi group, the Sahara group, the Bhaskar group, and the Dainik Jagran group.

Let us see the ownership of different media agencies.

NDTVA very popular TV news media is funded by Gospels of Charity in Spain that supports Communism. Recently it has developed a soft corner towards Pakistan because PakistanPresident has allowed only this channel to be aired in Pakistan. Indian CEO Prannoy Roy is co-brother of Prakash Karat, General Secretary of Communist party of India.His wife and Brinda Karat are sisters.
India Today which used to be the only national weekly which supported BJP is now bought by NDTV!! Since then the tone has changed drastically and turned into Hindu bashing. 
CNN-IBN: This is 100 percent funded by Southern Baptist Church with its
branches in all over the world with HQ in US. The Church annually allocates
$800 million for promotion of its channel. Its Indian head is Rajdeep
Sardesai and his wife Sagarika Ghosh.
Times group list: Times Of India, Mid-Day, Nav-Bharth Times,Stardust , Femina, Vijaya Times,Vijaya Karnataka, Times now (24- hour news channel) and many more. Times Group is owned by Bennet & Coleman. 'World Christian Council' does 80 percent of the Funding, and an Englishman and an Italian equally share balance 20 percent. The Italian Robertio Mindo is a close relative of Sonia Gandhi.

Star TV: It is run by an Australian, Robert Murdoch, who is supported by St. Peters Pontificial Church Melbourne.

Hindustan Times: Owned by Birla Group, but hands have changed since Shobana Bhartiya took over. Presently it is working in Collaboration with Times Group.

The Hindu: English daily, started over 125 years has been recently taken over by Joshua Society, Berne, Switzerland. N.Ram's wife is a Swiss national.

Indian Express: Divided into two groups. The Indian Express and new Indian Express (southern edition) .ACTS Christian Ministries have major stake in the Indian Express and latter is still with the Indian counterpart.

Eeenadu: Still to date controlled by an Indian named Ramoji Rao. Ramoji Rao is connected with film industry and owns a huge studio in Andhra Pradesh.

Andhra Jyothi: The Muslim party of Hyderabad known as MIM along with a
Congress Minister has purchased this Telugu daily very recently.

The Statesman: It is controlled by Communist Party of India. Kairali TV: It
is controlled by Communist party of India (Marxist)

Mathrubhoomi: Leaders of Muslim League and Communist leaders have major investment.

Asian Age and Deccan Chronicle: Is owned by a Saudi Arabian Company with its chief Editor M.J. Akbar.

The ownership explains the control of media in India by foreigners. The
result is obvious. 

फिर भी हमें मीडिया ने अन्ना का साथ दिया और हमें आगे भी काफी उम्मीद है .