सांसद बनते ही जनता जनार्दन , जिसके कदम पकड़ते थे , वह भीड़ हो गयी

   


सांसदों ने कहा संसद सर्वोच्च है, भीड़ नहीं
स्रोतः प्रभासाक्षी 
स्थानः
 नई दिल्ली 
तिथिः
 13 मई 2012


धिक्कार है इसे सांसदों पर, 
मेरा बस चले तो ऐसे  सांसदों को जुटे मारते हुए जनपथ से घसीटते हुए लाना चाहिए 
सांसदों को जूते मारो , जो जनता को भीड़ कहते हैं
  


अन्ना हजारे के नेतृत्व में समाज के लोगों द्वारा चलाये जा रहे अभियान की आज राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि संविधान और संसद को निशाना बनाने की किसी भी साजिश को नाकाम किया जाना चाहिए। लोकसभा में संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ पर लालू ने कहा कि लोकपाल के नाम पर देश और संसद को ध्वस्त करने की साजिश चल रही है। लोग सांसदों के घेराव की बात कर रहे हैं। सांसदों को चोर और डकैत कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून बनाने वाली संस्था संसद है लेकिन हमारे सिर पर किसी को बैठाने की कोशिश हो रही है। ''संसद का महत्व कम करने और इसे बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है।’’


चोर डैकेत अपनी माँ को नहीं ......बेचते , 
सांसदों ने भारत माँ को बेच दिया ,गाय भैंसों का  चारा खा डाला . 
वो आदमी ? अन्ना को गाली दे रहा है . 

7 comments:

शिखा कौशिक said...

your right .

like this page and wish indian hockey team for london olympic

shobhit's world said...

main aapkey vichaaron se poorie tarah sehmat hun ashok ji, par hum sirf kehtye rehtey hain.. aakhir chuna toh humne hee hain inhey..

Agar wakie hee kuch badalna chahtey hain toh hum khudh kyun nahin unki jagah aatey.. hum khudh kyun nahin uss pad pe jaakar badlaao laaney ki baat karein... They are our representatives and if they can't handle it properly then we should be strong enough to reprent our self . Its high time when good people should enter into politics. A reform like this is the need of the hour.

I and god said...

प्रिय शोभित,
तुम्हारा कहना है कि यदि हमारा भंगी सफाई ठीक नहीं करता, चोरी करता है , तो हम खुद क्यों नहीं कर लेते,

हम कर लेंगे, पर पहले उसको जूतों से मारेंगे , जलील करेंगे फिर ,

साले हमारे टुकड़ों पर पलने वाले हमें ही आँख दिखाते हैं ,

यदि तुम जैसे कुछ नवयुवक मुझे मिल जाएँ तो चोराहों पर नंगा कर के जूते मारूं .

shobhit's world said...

Inko saza toh milni hee chahiye... and wo milegi.. I understand ki gussa aana laazmi hai...par hume abb aagey pey dhyaan dena hai ki abb jo bigad gaya hai usey theek kaisey karein.. I am also looking for people who can stand with me and say that YES they are ready to be a source of change.. and agar gandagi saaf karni hai toh gangadi mein haanth daalna hee padega..

निर्झर'नीर said...

Gupta ji man to bahut karta hai lekin kya karen ...Roti kamane se fursat mile to jute chappal ke bare m sochen

I and god said...

प्रिय शोभित,

मेरे हिसाब से बहुत आसान हैं ,
हम जहाँ भी हैं , छोटे छोटे गोस्सिप ग्रुप बना कर एक विचार को बढोतरी दे सकते हैं.
इतना ही हमारा काम है.

I and god said...

प्रिय निर्झर जी ,
रोटी के साथ साथ ही जो आप और हम इन्टरनेट के जूते चलाते रहते हैं वो भी कम नहीं हैं= .
दोनों काम साथ ही करने हैं , जिसे भगवान क्रिशन ने श्री गीता जी के अध्याय ८ श्लोक ७ में कहा है , दोनों काम साथ करो, युद्ध भी , मेरा स्मरण भी