ह्रदय बाइपास की जरुरत नहीं.


अभी कुछ दिन पहले , मोटापे से छुटकारा पाने के लिए , जयपुर के पास एक प्राकृतिक चिकित्सालय में गया, जो करीब ७० एकढ़ में बना है, और एक ट्रस्ट उसे चलाता है.

वहां रहेते रहते पता चला कि दुनिया का कोई रोग ऐसा नहीं है , जो उस चिकित्सा से ठीक न हो जाता हो, वह भी अधिक महंगा नहीं ,

बाइपास के रोगी तो बीस दिन में ठीक होकर दोर्हते हुए घर जाते हैं.

यदि चमत्कार को नमस्कार है तो वहां है.

कोई भी अधिक जानकारी देकर मुझे खुशी होगी.
अशोक गुप्ता दिल्ली

6 comments:

शिखा कौशिक said...

bahut jankari bhari post .

I and god said...

प्रिय शिखा जी,

धन्यवाद , पर आपने गीता को कविता रूप में लिखने वाली बात पर कुछ नहीं कहा . क्योंकि आप में प्रतिभा है , और उसका उपयोग एक शाश्वत रूप में होता तो जनता का बहुत भला होता जैसे तुलसीदासजी ने किया.

तीसरी आंख said...

बहुत अच्छी जानकारी दी है, आपने, बहुत बहुत साधुवाद

तीसरी आंख said...

बहुत अच्छी जानकारी दी है, आपने, बहुत बहुत साधुवाद

तीसरी आंख said...

बहुत अच्छी जानकारी दी है, आपने, बहुत बहुत साधुवाद

तीसरी आंख said...

बहुत अच्छी जानकारी दी है, आपने, बहुत बहुत साधुवाद